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Pyaari Ankhe.n....
भूल सकता है भला कौन यह प्यारी आँखें रंग में डूबी हुई नींद से भरी आँखें............
मेरी हर सांस ने,हर सोच ने,चाहा है तुम्हें जब से देखा है तुम्हें,तब से सराहा है तुम्हें बस गई हैं मेरी आँखों में तुम्हारी आँखें........
तुमज़ो नज़रों को उठाओ तो सितारे झुक जाएँ तुमज़ो पलकों को झुकाओ तो ज़माने रूक जाएँ क्यूँ ना बन जाए इन आँखों की पुजारी आँखें.........
जागती रातों को सपनों का खज़ाना मिल जाए तुमज़ो मिल जाओ तो जीने का बहाना मिल जाए अपनी क़िस्मत पे करें नाज़ हमारी आँखें..........
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